दिव्य सन्देश

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When you have faith in God, you don't have to worry about the future. You just know it's all in His hands.

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घरेलु उपचार

सर्दी - जुकाम, नजला
  • प्रातः काल जल्दी उठें।
  • प्रातः सायं गर्म जल पान करें। प्रातः सायं गर्म जल से गरारे करें।
  • पेट शुद्धि का ध्यान रखें।
  • प्राकृतिक काढ़ा – (मात्रा आवश्यकता अनुसार ) गर्म पानी में गुड़, काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, इलायची, एक तेज पत्ता, कच्ची हल्दी, मुलेठी, लेंडी पीपल, सौंठ या अदरक, ब्राह्मी पत्ती, आखा धनिया, तुलसी पत्र, ब्राह्मी पत्ती उबालकर, छानकर गर्म दूध तथा केसर पत्ती डालकर सेवन करें l
  • देसी भुट्टा सेककर, गर्म-गर्म तोड़कर सूंघे तथा गर्म-गर्म खायें ।
  • गर्म पानी में अदरक का रस एक चम्मच, एक चम्मच शहद तथा आधा चम्मच नींबू रस मिलाकर लें ।
  • अनार, पपीता, सेब, खट्टे फल, विटामिन सी का सेवन करें ।
  • हरी सब्जियां, फल जिनमें फ्लेवोनोइड्स नमक एंटीऑक्सीड़ेंट प्रचुर मात्रा में हों, सेवन करें l  हरी सब्जियों का सूप, सलाद सर्वोत्तम है ।
  • मुनक्का, अंजीर भिगोकर लें ।
  • तेज मिर्च-मसाले, तला भोजन न करें ।
  • भुने हुए चने खायें ।
  • समय पर पूर्ण सात्विक, शुद्ध पौष्टिक तथा सुपाच्य भोजन करें ।
  • नींद अच्छी लें ।
  • धूप स्नान 30 मिनट लें ।
  • प्राणायाम गहरी श्वास प्रश्वास क्रिया करें ।
  • उज्जायी प्राणायाम उत्तम है । श्वसन संस्थान की शुद्धि हेतु नाड़ी-शोधन, अनुलोम-विलोम, सूर्य-भेदी प्राणायाम का अभ्यास नित्य करें ।
  • गर्म जल से स्नान करें ।
  • आवश्यकता होने पर जल नेति का प्रयोग योग्य गुरु के निर्देशन में करें