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When you have faith in God, you don't have to worry about the future. You just know it's all in His hands. You just go to and do your best.
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प्रकृति – वस्तु
प्रकृति की प्रत्येक वस्तु,चाहे सजीव हो या निर्जीव, चाहे वह मनतः आत्म – सचेतन हो या आत्म – सचेतन न हो,अपनी सत्ता और अपनी क्रियाओं में एक अंतर्निवासी दृष्टि और शक्ति के द्वारा शासित होती है ।
मानव मात्र प्रकृति की संतान हैं । मानव शरीर पांच तत्वों मिट्टी,जल,अग्नि,वायु और आकाश तत्व से बना हैं । इन्हीं पाँच तत्वों के प्रयोग से शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं इसे प्राकृतिक उपचार कहते हैंl
